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बिहार दिवस पर विकास का मॉडल देखने को मिलेगा। एनटीपीसी बाढ़ से दर्शकों का साक्षात्कार होगा। सिनेमा थियेटर में लघु फिल्मों का प्रसारण होगा तो जीविका के माध्यम से रोजगार के अवसर और बिहार शिक्षा परियोजना पवेलियन में दुर्लभ पुस्तकें मिल सकेगी।

गांधी मैदान में इस बार बिहार दिवस का नया थीम नीतीश सरकार के सात निश्चय को दर्शा रहा है। हर घर को बिजली उपलब्ध कराने के लिए एनटीपीसी बाढ़ का पवेलियन बनकर तैयार हो गया है। यहां उर्जा के निर्माण और संचरण की झांकी देखने को मिलेगी। जीविका के पवेलियन में स्वरोजगार से सामाजिक बदलाव की झलकी देखने को मिलेगी।

बिहार शिक्षा परियोजना के पवेलियन को राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर, हरिवंश राय बच्चन, कवि गुरू रविन्द्र नाथ टैगोर से लेकर बिहार की माटी के साहित्यकार और लेखकों की दुर्लभ पुस्तकें सुलभ होंगी।

बिहार दिवस के मौके पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन के साथ ही पूरे दिन दर्शकों के लिए मनोरंजन का इंतजाम किया गया है। महिला शिक्षा, आरक्षण और सशक्तीकरण की दिशा में सरकार के कार्यक्रमों को दिखाया गया है। लोक स्वास्थ्य और हर घर के लिए शौचालय के लिए सरकार के कार्यक्रम की झांकी देखने को मिलेगी। चिकित्सा क्षेत्र में बदलाव की झलक के लिए अलग पवेलियन बनाया गया है। कार्यक्रम के लिए दो मंच का निर्माण कराया गया है।

फायर सेफ्टी का इंतजाम

बिहार दिवस के मौके पर मौसम को बदलते मिजाज को देखते हुये जिलाधिकारी संजय कुमार अग्रवाल ने चारो ओर दमकल और फायर सेफ्टी उपकरण लगाने का निर्देश दिया है। बिजली के खुले तार को कवर करने और सुरक्षा के मद्देनजर आपातकालीन सेवाओं को अलर्ट रहने का निर्देश दिया गया है।

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