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प्रोविडेंट फंड (पीएफ) निकासी के प्रस्तावित नियमों को लेकर कर्मचारियों में मची बेचैनी को देखते हुए केंद्र सरकार ने इसमें राहत दी है। सोमवार को श्रम मंत्रालय ने प्रस्तावित नियमों में संशोधन का एलान किया है। अब कोई भी खाताधारक इलाज कराने, घर खरीदने, शादी और बच्चों की पढ़ाई के लिए खाते में जमा पूरी राशि निकाल सकता है।

दरअसल बजट के समय केंद्र सरकार ने पीएफ की निकासी पर कई नए नियम लगाने का एलान किया था। कहा गया था कि 30 अप्रैल के बाद कर्मचारी अपने पीएफ अकाउंट से सिर्फ अपना योगदान ही निकाल सकेंगे। पीएफ का पूरा पैसा निकालने के लिए उसे 58 साल की उम्र का इंतजार करना होगा। बहरलहाल, संशोधित नियम पहली मई से लागू होंगे।

अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक गंभीर बीमारी के इलाज (अपने या परिवार के किसी सदस्य), बच्चों की मेडिकल, डेंटल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई और उनकी शादी के लिए सदस्य पीएफ की पूरी राशि निकालने के लिए आवेदन कर सकेंगे। यह राहत राज्य और केंद्र सरकार के कर्मचारियों को भी दी गई है। यह प्रावधान इसी साल अगस्त से लागू होंगे।

ट्रेड यूनियनों की ओर से श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय को ज्ञापन सौंपे जाने के बाद प्रस्तावित नियमों में यह संशोधन किया गया है। एक सरकारी विज्ञप्ति में कहा गया कि मंत्रालय ने फैसला लिया है कि सदस्य को अपनी पूरी जमा राशि निकालने का विकल्प दिया जाएगा। इतना ही नहीं यदि आवेदनकर्ता ऊपर दिये गए कारणों की वजह से पीएफ निकासी का आवेदन करता है तो वह निकासी के दिन तक के ब्याज की राशि को भी निकालने का अधिकारी होगा।

बता दें कि फरवरी में श्रम मंत्रालय ने कहा था कि पीएफ खाताधारक कर्मचारी 54 वर्ष की उम्र में जमा राशि निकालने का अधिकारी नहीं होगा। इसके लिए उसे 58 साल की उम्र तक इंतजार करना होगा। लेकिन प्रस्तावित नियमों में छूट देने से खाताधारकों को बहुत बड़ी राहत मिली है।

इसके पहले कर्मचारी भविष्य निधि ने संगठन (ईपीएफओ) ने पीएफ निकासी पर नए नियमों को 30 अप्रैल तक टाल दिया था । ये अंशधारकों को नौकरी छोड़ने के दो महीने बाद पीएफ से पूरी राशि निकालने पर रोक लगाते थे। Read more http://www.jagran.com/

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