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अपने बयानों से पार्टी के लिए मुश्किलें खड़ी करने वाले भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है। सुब्रमण्यम स्वामी ने आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन पर निशाना साधा है। स्वामी ने साफ कहा है कि ‘रघुराम राजन हमारे देश के अनुकूल नहीं हैं। जिस तरह से ब्याज की दरें बढ़ा रहे हैं इससे बेरोजगारी बढ़ गई है और देश को भुगतना पड़ रहा है। इसीलिए उसकी छुट्टी करके जितनी जल्दी शिकागो भेज सकते हो भेजना चाहिए।’

ब्याज दर के लिए समिति का गठन

सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक की नीति निर्धारण के लिए बुधवार को राज्यसभा में एक बिल पास किया। इसके तहत ब्याज दरों को तय करने के लिए एक समिति का गठन किया जाएगा। वर्तमान में आरबीआई से जुड़ी सभी मौद्रिक नीति बनाने का अधिकार पूर्ण रुप से गवर्नर रघुराम राजन के पास है और इनकी सहायता के लिए एक समिति होती है जिसके पास सिर्फ परामर्श देने का अधिकार होता है।

नए कानून के अनुसार बनाई गई मौद्रिक नीति परिषद में छह सदस्य होंगे। ये समिति ब्याज दरों को अंतिम रुप देगी। यदि सदस्यों में किसी मुद्दे को लेकर बराबरी की स्थिति आती है तो राजन के वोट से अंतिम निर्णय होगा।इस समिति में तीन सदस्य सरकारी पक्ष से होंगे और बाकी तीन आरबीआई के पक्ष से होंगे।

राजन को नहीं मिलेगा दूसरा कार्यकाल!

आरबीआई के गवर्नर के रूप में रघुराम राजन का कार्यकाल 4 सितंबर में खत्म हो रहा है। और राजन ने पहले ही जानकारी दे चुके हैं कि सरकार ने अभी तक उनसे ये नहीं पूछा है कि वो आरबीआई गवर्नर के तौर पर दूसरी पारी खेलना चाहते हैं या नहीं। ऐसे में रघुराम राजन को दूसरी बार कमान मिलने की संभावना बेहद कम ही दिख रही हैं।

राजन के सरकार विरोधी बयान

गौरतलब है कि नवंबर 2015 में रघुराम राजन ने भारत में असहिष्णुता वाला बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि असहिष्णुता के कारण आर्थिक विकास प्रभावित हो रहा है।

यही नहीं, अप्रैल 2016 में रघुराम राजन ने भारत को अंधों में काना राजा कहा था। रघुराम राजन के इस बयान पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आपत्ति जताई थी। वित्त मंत्री ने कहा था कि बाकी दुनिया के मुकाबले भारतीय अर्थव्यवस्था की बढ़त बहुत तेज, वास्तव में सबसे तेज है। Read more http://www.jagran.com/

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