Tags

, , , , , ,

किशोर मन की उंची उड़ान, आंखों में अाइएएस बनने के सपने। गरीबी और बदहाली के बीच सफलता का परचम लहराने वाली श्यामा, जिसकी रोल मॉडल टीना डाबी थीं। वो भी टीना डाबी की तरह आएएस बनने के सपने पालकर उसे पूरा करने में जुटी थी।

एक मजदूर पिता की बेटी के बड़े सपने, हौसलों से भरे और सपनों की उंचाई छूने की हरसंभव कोशिश में लगी, श्यामा बिहार बोर्ड की इम्तिहान में फर्स्ट क्लास से पास हुई तो पिता ने उसके अागे की पढाई जारी रखने में अपनी असमर्थता जताई, उदास श्यामा को उसके नानाजी ने ढांढस बंधाया और अपने साथ गया ले आए।

उसका एडमिशन इंटर कॉलेज में करा दिया। अपनी मेहनत से पढाई में अव्वल रहने वाली श्यामा अपने सहपाठियों के बीच काफी लोकप्रिय थी। मिलनसार हंसमुख और सहेलियों की चहेती, श्यामा उम्र के उस दौर में थी जहां कल्पनाएं और भावनाएं उड़ान भरती हैं। कोमल भावनाएं और उसमें फिर किसी का प्यार भरा स्पर्श लेकिन क्या पता था कि प्यार का यह एहसास ही उसके सपनों का उसके अरमानों का उसका खून कर देगा।

कॉलेज आने-जाने के क्रम में उसकी मुलाकात पुष्कर से हुई। श्यामा के ननिहाल के पास ही पुष्कर की बहन का ससुराल है। पुष्कर हमेशा अपनी बहन के ससुराल अाया-जाया करता था। दोनों में बातचीत होती थी, बात आगे बढी और दोनों में प्यार पनपने लगा। श्यामा पढाई की बात करती तो पुष्कर श्यामा के साथ अपने भावी जीवन के सपने देखता।

पुष्कर श्यामा से कहता कि क्या पढाई लिखाई करना? चल शादी करके घर बसाएंगे, मेरे पास पैसे की कोई कमी नहीं क्या करोगी आइएएस बनकर? लेकिन श्यामा बार-बार कहती मुझे टीना डाबी की तरह आएएस बनना है। मजाक में शुरू हुई इस बात ने इतना भयंकर रूप ले लिया कि पुष्कर ने शादी से मना करने पर श्यामा को एेसी सजा दी कि देखकर मानवता भी शर्मसार हो गई।

एक दिन पुष्कर ने श्यामा को बात करने के बहाने बुलाया और लगातार उसपर शादी करने का दबाव बनाने लगा। श्यामा ने कहा कि वह अभी शादी नहीं कर सकती, यह सुनकर पुष्कर गुस्से से पागल हो गया और अपने साथ लाए तेज चाकू की धार से श्यामा के शरीर पर इतने वार किए कि पूरी सड़क खून के फव्वारे से लाल हो गई। घटा को अंजाम देने के बाद पुष्कर फरार हो गया।

दर्द से चीखती श्यामा को लोगों ने गया सदर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच) रेफर कर दिया गया। पीएमसीएच के आइसीयू में भर्ती होने के कुछ घंटों बाद ही श्यामा ने अपने सपनों के साथ रविवार की शाम दम तोड़ दिया।

क्या था मामला-

गया जिले के वजीरगंज थाना क्षेत्र के डाक स्थान के समीप दिनदहाड़े शनिवार को इंटर की 17 वर्षीया छात्रा श्यामा को उसके कथित प्रेमी पुष्कर ने चाकू से वारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। वह अपने दो दोस्तों संग मोटरसाइकिल पर सवार होकर उससे मिलने आया था। सड़क किनारे पईन में जाकर वह किशोरी से मिला।

संभवत: किसी बात को ले दोनों के बीच कहासुनी हुई। इस पर चाकू से किशोरी को घायल कर वह फरार हो गया। किशोरी की चीख-पुकार सुन राहगीर उसे लहूलुहान हालत में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र ले गए। जहां अत्यधिक खून बहने से चिकित्सकों ने गया मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, वहां से उसे पीएमसीएच भेज दिया गया।

एक स्कूल के छात्रों ने भाग रहे हमलावरों को रोकने की कोशिश की। इस दौरान एक आरोपी पकड़ा गया, जबकि दो भाग निकले। गिरफ्त में आए युवक की पहचान नवादा जिले के सिरदला थाना के मंझियावां गांव के रवि कुमार के रूप में हुई है। रवि के मुताबिक पुष्कर ने किशोरी को चाकू मारा था।

दिल्ली में हैं पिता :

श्यामा के पिता रामेश्वर पाल दिल्ली में एक निजी कंपनी में काम करते हैं। उसकी मां हेमंती औरंगाबाद स्थित घर में रहती हैं, जबकि वह बड़े भाई आशीष के साथ वजीरगंज के केनारचट्टी स्थित नानी के घर रहकर पढ़ाई कर रही थी। चट्टी स्थित ननिहाल के बगल में आरोपित पुष्कर के जीजा बबलू चौधरी का घर है, उसकी बहन ममता कुमारी पंचायत चुनाव में मुखिया का चुनाव लड़ चुकी हैं।

संदेह है कि अपनी बहन के घर आने जाने के क्रम में ही छात्रा को उसने झांसे में लिया होगा। रवि के मुताबिक राहगीरों ने पकडऩे के बाद उसकी धुनाई की थी, वह पुलिस गिरफ्त में इलाजरत है। रवि के अनुसार पुष्कर छात्रा पर शादी का दबाव बना रहा था, लेकिन पहले स्वीकार कर अब वह इन्कार कर रही थी। तब गुस्से में आकर चाकू मार दिया।

छात्रा की मौत की खबर सुनकर उसके ननिहाल में कोहराम मच गया। वृद्ध नानी एवं उसकी माता का रोकर बुरा हाल है। बूढ़े नाना जनक भगत बेसुध हो गए।

आइएएस बनना चाहती थी :

उसके मामा अरविंद पाल ने बताया कि श्यामा पढ़ाई में तेज थी। वह कारीसोवा के सतवंती हाईस्कूल से ग्यारहवीं की पढ़ाई कर रही थी। पिछले वर्ष वह प्रथम श्रेणी से मैट्रिक उत्तीर्ण हुई थी। आइएएस बनना चाहती थी। हाल में आए यूपीएससी के रिजल्ट में युवतियों के बाजी मारने पर वह काफी खुश थी। वह भी टॉपर टीना डाबी की तरह सफल होना चाहती थी। Read more http://www.jagran.com

Advertisements