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अांध्र प्रदेश के एक मंत्री ने चौकाने वाला खुलासा किया है, जिसे जानकर अाप हैरान रह जाएंगे। मंत्री का कहना है कि आंध्रप्रदेश और तेलंगाना से खाड़ी के देशों में जाकर घरेलू काम करने वाली महिलाओं की हालत बदतर है।

ये महिलाएं इन देशों में न सिर्फ बेची जा रही हैं, बल्कि जेलों में सड़ भी रही हैं। मंत्री पी. रघुनाथ रेड्डी ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को एक पत्र लिखकर इस मामले में दखले देने और इन महिलाओं की वतन वापसी कराने की अपील की है। बता दें कि खाड़ी देशों में 10 हजार से ज्यादा भारतीय महिलाएं फंसी हैं।

जानिए, पत्र में क्या लिखा रेड्डी ने…
आंध्रा के नॉन-रेसिडेंंट इंडियन वेलफेयर मंत्री पी. रघुनाथ रेड्डी ने पिछले हफ्ते यह लेटर केंद्र को लिखा। इसमें उन्होंने कहा, ‘केंद्र सरकार को इस मामले में कदम उठाने चाहिए। ‘उन्हें फ्री ट्रैवल और जरूरी वीजा डॉक्यूमेंट्स को जल्द से जल्द दिलाए जाने चाहिए।केंद्र सरकार को इस मामले में भारतीय दूतावास को निर्देश भेजना चाहिए और खाना, कपड़े और रहने की व्यवस्था भी किया जाना चाहिए।25 महिलाएं अभी जेल में बंद हैं, जिन्होंने हाल ही में राज्य सरकार से तुरंत मदद मांगी है। राज्य के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, मंत्रियों का एक ग्रुप अगले महीने गल्फ जाएगा और उनके रीजन से जाने वाले लोगों के मामले में जांच करेगा।

खाड़ी देशों में इन लोगों को मदद भी दी जाएगी। राज्य सरकार इस मसले पर भी विचार कर रही है। हालांकि, अभी तक यह डाटा नहीं कि वहां कितनी महिलाएं फंसी हैं। लेकिन यह नंबर 10 हजार हो सकता है। इनमें से कई जेल में हैं। रेड्डी ने लिखा कि आंध्र और तेलंगाना राज्य से जाने वाली महिलाओं को खाड़ी के देशों में रिटेल शॉप की तरह एक प्रोडक्ट की तरह बेचा जाता है। ये महिलाएं सऊदी अरब में 4 लाख, बहरीन में 1 से 2 लाख और यूएई और कुवैत में 1 से 2 लाख रुपए में बेची जाती हैं।

सरकार के सूत्रों के मुताबिक, ये लोग एजेंट के जरिए इन देशों में जाती हैं। कई बार इनके द्वारा धोखाधड़ी के मामले सामते आते रहते हैं। इनमें से कुछ टूरिस्ट वीजा पर काम करती हैं। कुछ भारत लौटने के लिए लगने वाले जुर्माना देने में सक्षम नहीं होती और उन्हें जेल जाना पड़ता है। इनमें से कई मामले ऐसे हैं जिनके पास एक्जिट वीजा नहीं है। कई महिलाएं छोटे-मोटे जुर्म के चलते जेल में हैं। इन्हें एजेंट भारत से तीन गुना ज्यादा सैलरी पर ले जाते हैं। बाद में, उन्हें वहीं छोड़ दिया जाता है।  Read more http://www.jagran.com/

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