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आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) से आज बड़ा झटका लगा है।एक याचिका पर आर्ट ऑफ लिविंग (एओएल) के प्रमुख श्रीश्री रवि शंकर से NGT ने जवाब मांगा है। इस याचिका में आरोप है कि आध्यात्मिक गुरु ने इसके पहले के आदेश को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया था।

NGT अध्यक्ष न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने श्रीश्री रविशंकर को नोटिस जारी किया है। NGT ने इस मामले में दो सप्ताह के भीतर याचिका पर जवाब दाखिल करने को कहा है।

आर्ट ऑफ लिविंग का 4.75 करोड़ रुपये की बैंक गारटी का प्रस्ताव NGT ने ख़ारिज किया है, साथ ही 5 हज़ार का जुर्माना भी लगाया। नाराज एनजीटी ने कहा कि आर्ट ऑफ़ लिविंग जुर्माने की रकम एक हफ्ते मे चुकाए।

नाराज NGT ने कहा कि आपको प्रोग्राम करने की अनुमति इसी शर्त पर दी गई थी कि आप रक़म समय पर चुकाएंगे, लेकिन आप रक़म चुकाने के बजाय अपने वादे से मुकर गए और फिर ये रकम न चुकानी पड़े उसके लिए आपने ढेरों याचिकाएं लगा दीं ।

गौरतलब है कि आर्ट ऑफ़ लिविंग पर 5 करोड़ का NGT ने जुर्माना लगाया था,जिसमें से 25 लाख आर्ट ऑफ़ लिविंग ने जमा करा दिया था, लेकिन यमुना पर हुए प्रोग्राम के बाद 4.75करोड़ आर्ट ऑफ़ लिविंग ने नहीं दिया और कहा कि वो सिर्फ बैंक गारटी दे सकती है।

एनजीटी की याचिका के मुताबिक, आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर ने 11 मार्च से यहां शुरू हुए तीन दिवसीय के सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए पर्यावरण मुआवजे के तौर पर पांच करोड़ रुपये जमा करने के एओएल को दिए गए आदेश के प्रति असम्मान दिखाया है।

सुनवाई के दौरान वादी का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील ने मीडिया में आई खबरों का जिक्र किया और कहा कि कथित तौर पर अधिकरण को नाराज करने और न्याय में दखल देने के लिए आध्यात्मिक गुरु के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।  Read more http://www.jagran.com/

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