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बहुजन समाज पार्टी से बगावत करने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य के स्थान पर अब गया चरण दिनकर विधानसभा में नेता विपक्ष होंगे। बहुजन समाज पार्टी की परसों बैठक में गया चरण दिनकर को मायावती की मौजूदगी में विधानमंडल दल का नेता चुना गया था।

गया चरण दिनकर अब विधानसभा में नेता विपक्ष होंगे। विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पाण्डेय ने आज गया चरण दिनकर को नेता विपक्षी दल की मान्यता प्रदान कर दी है। स्वामी प्रसाद की जगह अब चरण दिनकर नेता विपक्ष होंगे। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र के साथ आज गया चरण दिनकर ने माता प्रसाद पाण्डेय से मुलाकात की। विधानसभा अध्यक्ष ने मिश्र की मौजूदगी में गया चरण दिनकर को पत्र प्रदान कर नेता विपक्ष के पद का गतिरोध समाप्त कर दिया। अब गया चरण दिनकर लालबत्ती गाड़ी में चलेंगे।

बसपा पदाधिकारियों व विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पाण्डेय को परसों उन्हें पार्टी सुप्रीमो का पत्र सौंपा। पत्र पर बसपा के 71 विधायकों के हस्ताक्षर थे। पत्र में कहा गया है कि स्वामी प्रसाद के बसपा छोडऩे के कारण गया चरण दिनकर को पार्टी के विधानमंडल दल का नेता चुन लिया गया है। लिहाजा उन्हें नेता प्रतिपक्ष के रूप में मान्यता दी जाए। इससे पहले बसपा विधानमंडल दल की बैठक में विधायक जगपाल ने प्रस्ताव किया कि 10 मार्च, 2012 को पार्टी के विधानमंडल दल के नेता चुने गए स्वामी प्रसाद ने मीडिया में बयान दिया है कि उन्होंने बसपा छोड़ दी है।

इसी कारण मौर्य को विधानमंडल दल के नेता पद से हटाते हुए उनकी जगह गया चरण दिनकर को नेता चुना जाए। इस प्रस्ताव का अनुमोदन विधायक जीतेंद्र कुमार उर्फ नंदू चौधरी ने किया जिसे बैठक में मौजूद विधानमंडल दल के सभी सदस्यों ने पारित किया। इसके साथ ही दिनकर को विधानसभा में नेता विरोधी दल की मान्यता प्रदान करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखने के लिए मायावती को सर्वसम्मति से अधिकृत किया गया।

मंत्री भी रह चुके हैं दिनकर

चौथी बार विधायक चुने गए गया चरण दिनकर 2002 में बसपा सरकार में ग्राम्य विकास मंत्री भी रह चुके हैं। 55 वर्षीय दिनकर पहली बार 1991 में विधायक चुने गए। दूसरी बार वह 1993 और तीसरी मर्तबा 2002 में विधानसभा की देहरी लांघने में कामयाब रहे।

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