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बीएसपी चीफ मायवती को एक और झटका गुरुवार को लगा जब पार्टी के महासचिव आरके चौधरी ने बीएसपी से इस्तीफा दे दिया। आरके चौधरी की गिनती बीएसपी में दिग्गज और राष्ट्रीय नेताओं में की जाती है। यूपी में 2017 में होनें वाले चुनाव से पहले बीएसपी के लिए एक बड़ा झटका माना जा सकता है। वहीं आरके चौधरी 2007-12 तक बीएसपी सरकार में मंत्री भी रहें। चौधरी की पहचान पार्टी में दलित नेता के रुप में रही है।

बसपा छोड़ने के बाद आरके चौधरी ने कहा कि मायावती ने पार्टी को अपनी जागीर बना लिया है। प्रापर्टी डीलर व भू-माफिया बसपा में बढ़ते जा रहे हैं और मिशनरी कार्यकर्ता बाहर। उन्होंने कहा कि बसपा छोड़ने वालों का सिलसिला अभी थमने वाला नहीं है। अगले कदम के बारे में चौधरी ने कहा कि वह 11 जुलाई को अपने समर्थकों के साथ बैठक के बाद ही कोई फैसला लेंगे। स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ जाने के सवाल पर चौधरी ने कहा कि अभी वह किसी के साथ नहीं जा रहे हैं।

चौधरी ने सीधे तौर पर मायावती पर धन उगाही का आरोप लगाते हुए कहा कि वो पार्टी में टिकट बटवारें को लेकर जमकर रुपए की लूट खसौट करती है। वहीं बीएसपी अब रीयल स्टेट कंपनी बनकर रह गयी है। बागी नेता आरके चौधरी ने कहा कि बीएसपी अब वो पार्टी नही रही जो पहले काशी राम के जमानें पर चलती थी।
बता दें, कि 22 जून को प्रेस कांफ्रेंस में इस्तीफे की घोषणा करते हुए बीएसपी विधान मंडल दल के नेता स्वामी प्रसाद मौर्या ने बीएसपी सुप्रीमो मायावती पर संगीन आरोप लगते हुए कहा कि उन्होंने अम्बेडकर के सपनों को बेचा है। मौर्या ने मायावती पर पार्टी में टिकट बेचने का भी आरोप लगाया था।

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